Up Board Solutions For Class 8 Hindi Chapter 20 झाँसी की रानी (मंजरी)&Nbsp;प्रश्नअभ्यास।

UP Board Solutions for Class 8 Hindi Chapter 20 झाँसी की रानी (मंजरी)…

Answers:

कुछ करने को
प्रश्न 1.
इस पाठ में.कुछ वीरांगनाओं के नाम आये हैं। पुस्तकों से और अपने बड़े-बुजुर्गों से कुछ और वीरांगनाओं के बारे में जानकारी एकत्र करके कक्षा में या बालसभा में चर्चा कीजिए।

उत्तर :
आप इन वीरांगनाओं के विषय में कुछ और जानकरी एकत्र कर कक्षा में चर्चा पर बाल सभा कर सकते हैं|
कित्तूर की रानी चेनम्मा (जन्म 1778, मृत्यु 1929) – रानी लक्ष्मीबाई से भी पहले कित्तूर की रानी चेनम्मा ने अंग्रेजों से जमकर लोहा लिया था। रानी चेनम्मा कर्नाटक के कित्तूर की रानी थी, जिन्होंने अंग्रेजों की गुलामी के खिलाफ बिगुल बजाया।

कनकलता बरुआ (जन्म 1924, मृत्यु 1942) – कनकलता बरुआ असम की रहने वाली थी। उन्होंने भारत छोड़ो आंदोलन में बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया। भारत छोडो आंदोलन के समय उन्होंने कोर्ट परिसर और पुलिस स्टेशन के भवन पर भारत का तिरंगा फहराया, जिसकी वजह से वो अंग्रेजों के लिए बड़ा खतरा बनकर सामने आई। कनकलता बरुआ ने महज 17 साल की उम्र में जो शहादत दी, उसको देश हमेशा ऋणी रहेगा।

बीरांगना झलकारी देवी (जन्म-अज्ञात, मृत्यु 1857) – झलकारी झाँसी राज्य के एक बहादुर कृषक सदोवा सिंह की पुत्री थी। उनका जन्म 22 नवंबर, 1830 ई. को झाँसी के समीप भोजला नामक गाँव में हुआ था। उसकी माता का नाम जमुना देवी था। जिसका अधिकांश समय प्रायः जंगल में ही काम करने में व्यतीत होता था। जंगलों में रहने के कारण ही झलकारी के पिता ने उसे घुड़सवारी एवं अस्त्र-शस्त्र संचालन की शिक्षा दिलवाई थी। कालांतर में उनकी शादी महारानी लक्ष्मीबाई के तोपची पूरन सिंह के साथ हो गई। रानी लक्ष्मीबाई के वेश में युद्ध करते हुए झलकारी बाई ने शहादत दे दी। उन्होंने तोपों से भी अंग्रेजों को सामना किया और तोप के गोले से ही उड़ा दी गईं।

बेगम हजरत महल (जन्म 1820, मृत्यु 1879) – अवध की बेगम हजरत महल ने 1857 के पहले स्वाधीनता संग्राम में अंग्रेजों के दाँत खट्टे कर दिए थे। भारत सरकार ने बेगम हजरत महल के सम्मान में सन 1984 में डाक टिकट भी जारी किया।

इसके अलावा – लक्ष्मी सहगल (जन्म 24 अक्टूबर 1914, मृत्यु 23 जुलाई, 2012), सरोजिनी नायडू (जन्म 1879, मृत्यु 1949), सुचेता कृपलानी (जन्म 1908, मृत्यु 1974) आदि स्वतंत्रता सेनानी महिलाओं के विषय में भी चर्चा कर सकते है।

प्रश्न 2.
झाँसी की रानी से सम्बन्धित कविताएँ व लेख पढ़िए।
नोट – सुभद्राकुमारी चौहान, रचित कविता ‘झाँसी की रानी’ पढ़ सकते हैं।

प्रश्न 3.
नोट – विद्यार्थी स्वयं करें।